कुंभ
2026 · कुल मिलाकर ★★★★★
पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, प्रेम और सौभाग्य के लिए उत्तम है। वर्ष के मध्य से, छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य, क़र्ज़ और विरोधियों के मामले में सावधानी माँगता है।
इस वर्ष शनि
दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) धन और पारिवारिक संबंधों की परीक्षा लेता है; नियमित बचत करें।
राहु और केतु
चंद्र राशि में राहु बेचैन महत्वाकांक्षा और असामान्य अवसर देता है; ज़मीन से जुड़े रहें।
साढ़ेसाती की स्थिति
आप साढ़ेसाती के अंतिम चरण (शनि आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव में) में हैं। हनुमान चालीसा, बड़ों की सेवा और अनुशासन इस समय को सहज बनाते हैं।
शुभ अंक
2
शुभ रंग
बैंगनी
शुभ समय
7:30 पूर्वाह्न – 9:00 पूर्वाह्न
आज का स्वामी ग्रह
गुरु
आपकी चंद्र राशि से गुरु, शनि और राहु के गोचर पर आधारित।