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निर्देशित ध्यान और प्राणायाम
आराम से बैठें, कंधों को ढीला छोड़ें और दृष्टि कोमल रखें। नीचे कोई अभ्यास चुनें।
निर्देशित श्वास
मौन ध्यान टाइमर
5:00
शुरुआत और अंत में एक कोमल घंटी बजती है।
एक सरल अभ्यास
- पीठ सीधी रखें पर अकड़ी हुई नहीं। हाथ घुटनों पर या गोद में रखें।
- आँखें बंद करें और तीन धीमी साँसें लें, हर बार छोड़ी जाने वाली साँस थोड़ी लंबी रखें।
- ध्यान को नाक के सिरे या पेट पर स्वाभाविक श्वास पर टिकाएँ।
- जब मन भटके, ध्यान दें कि वह कहाँ गया और धीरे से श्वास पर लौट आएँ। यह लौटना ही अभ्यास है।
- चाहें तो श्वास लेते समय मन में "सो" और छोड़ते समय "हम" दोहराएँ।
- अंत में कुछ साँसों तक शांत बैठें और इस शांति को अपने दिन में ले जाएँ।
यदि चक्कर या असुविधा हो, तो रुकें और सामान्य रूप से साँस लें। गर्भावस्था में या हृदय अथवा फेफड़ों की समस्या हो तो साँस रोकने वाले अभ्यास न करें।